STORYMIRROR

कर्म ईश्वर की ख्वाहिश मन विश्व वचन शरण हमेशा काया अनन्य भक्ति विपश्यना कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु hindikavita समाधि की सीढ़ी हिन्दीकविता जो मांगा वह नहीं है दूर सम्मान निर्मल मन भार ओम साईं राम श्रद्धा

Hindi मन काया वचन श्रद्धा Poems